महफि़ले सिमा – 2

महफि़ले सिमा – 2

सिमा के जवाज़ में आयाते कुरानी हज़रत मख़्दुम अशरफ़ सिमनानी किछौछवीؓ फ़रमाते हैं. सिमा के जवाज़ के सबूत में चन्द दलाएल पेश किए जाते हैं। अल्लाह पैदा करने में जितना चाहता है, बढ़ा देता है। (कुरान 35:1) कुछ ने किरात में ‘अलख़्ल्क़’ में ‘ख़ा’ की जगह ‘हा’ पढ़ा है, यानी ‘अलहल्क़’। (दर करारत बअज़े फ़ील [...]
महफिल ए समा – 1

महफिल ए समा – 1

क़ालल अशरफ़: अस्सिमाअ तवाजिद उस सूफिया फि तफहिमुल मआनी अल्लज़ी यतसव्वूर मन अला सवात अल मुख्तलेफ़ा हज़रत सैय्यद मख्दूम अशरफ़ सिमनानी रज़‍िअल्‍लाह अन्‍हो, 'लताएफ अशरफ़ी' में फ़रमाते हैं कि मुख्तलिफ़ आवाज़ों को सुनकर फ़हम में जो मअानी पैदा होती हैं, उनके असर से सूफ़ियों का वज्द करना सिमा है। सुल्तानुल मशाएख़ फ़रमाते हैं कि जब [...]