प्रेरक प्रसंग

प्रेरक प्रसंग

जीवन दर्शन मनुष्य के प्रकार परमहंस जी अपने शिष्यों के साथ टहल रहे थे। देखा कि एक मछुआरा जाल फेंककर मछली पकड़ रहा है। आप वहां ठहर गए और अपने शिष्यों से कहा कि ध्यान से इन मछलियों को देखो। कुछ मछलियां जाल में निश्चल पड़ी हैं, तो कुछ जाल से निकलने की कोशिश कर [...]
लकड़हारा और कौवां

लकड़हारा और कौवां

एक गांव में एक ग़रीब लकड़हारा रहता था, वह हर रोज जंगल से लकड़ी काट कर लाता और उन्हें बेचकर अपना और अपने परिवार का पेट पालता था। लकड़हारा, था तो बहुत गरीब लेकिन ईमानदार, दयालु और अच्छे अख्लाक वाला इन्सान था। वह हमेशा दूसरों के काम आता और यहां तक कि बेज़बान जानवरों का [...]
डिसिप्लिन

डिसिप्लिन

डिसिप्लिन मतलब वक्त क़ी पाबंदी, अनुशासन। अपने मक़सद में लगन लगाए रखना। एक चीज़ को दूसरी बड़ी चीज के लिए छोड़ देना। बाद की ज्यादा बड़ी खुशी के लिए आज की छोटी खुशी को कुरबान कर देना। ज़ाहिरी तौर पर इसमें मजबूरी दिखाई देती है कि करना ही पड़ेगा। बिना किये काम नहीं चलेगा। लेकिन [...]
लिबास

लिबास

ऐ इन्सान! हमने तुम्हें ऐसा लिबास दिया है जिससे तुम खुद को ढको और खुबसूरत दिखो। (लेकिन इसके साथ ही तुम्हें छुपा हुआ लिबास भी दिया है और वही) तक़वा (परहेज़गारी) का लिबास ही बेहतर है।... (क़ुरान 7:26)   अक्सर हम किसी इन्सान को उसके हुलिए उसके लिबास से पहनावे से पहचानते हैं और ये [...]
पाकी (स्‍वच्‍छता)

पाकी (स्‍वच्‍छता)

'उसमें वो लोग हैं जो खूब पाक होना चाहते हैं और पाक (साफ सूथरे) लोग अल्लाह को प्यारे हैं।' (क़ुरान 9:108) 'अल्लाह नहीं चाहता कि तुम पर कुछ तंगी रखे, हां ये चाहता है कि तुम्हें साफ सूथरा (पाक) कर दे।' (क़ुरान 5:6) 'पाकीज़गी आधा ईमान है।' (तिरमिज़ी 3530) 'दीन की बुनियाद पाकीज़गी पर है।' [...]
ह. अबुबक्र सिददीक़ रज़ी. और तसव्वुफ

ह. अबुबक्र सिददीक़ रज़ी. और तसव्वुफ

और (ख़ुदाए) रहमान के ख़ास बन्दे तो वह हैं जो ज़मीन पर अख्लाक व इन्केसारी के साथ चलते हैं और जब जाहिल उनसे (जिहालत की) बात करते हैं तो वो उनको सलाम करते हैं। (क़ुरान25:63) हुजूरे अकरम ﷺ ने इरशाद फ़रमाया कि जो सूफियों की आवाज़ सुने और उनकी दुआ पर आमीन न कहे तो [...]