दुनिया की ज़िन्दगी तो बस खेल तमाशा है…

दुनिया की ज़िन्दगी तो बस खेल तमाशा है…

दुनिया की ज़िन्दगी तो बस खेल तमाशा है... (कुरान 47:36) आदमी एक बच्चे की तरह है, जो दुनिया के मेले में खो गया है। मेले में बहुत अच्छी अच्छी चीजें हैं, खेल है, खिलौने हैं, झूले हैं, नौटंकी हैं, यहां तक कि मौज मस्ती के सारे सामान मौजूद हैं। मेले की चकाचौंध में बच्चा भूल [...]
राहे हक़ में कोशिश – Editor

राहे हक़ में कोशिश – Editor

हमारी तहज़ीब एक पेड़ की तरह है। ये जितना हरा भरा रहेगा, हम उतने ही खुशहाल रहेंगे और तरक्क़ी करेंगे। लेकिन आज, ये मग़रिबी बिमारी में मुबतेला (ग्रस्त) है। जिसकी वजह से ये बहुत कमज़ोर हो चला है, दिन ब दिन सूखता जा रहा है और अंदर से खोखला भी होता जा रहा है। हम [...]