30 Rozon ka Amal

30 Rozon ka Amal

माहे रमज़ानुल मुबारक में नेकियों का अज्र बहुत बढ़ जाता है लिहाज़ा कोशिश कर के ज्‍़यादा से ज्‍़यादा नेकियां इस माह में जमा कर लेनी चाहियें। चुनान्चे ह़ज़रते सय्यिदुना इब्राहीम नख़्इ़र् फ़रमाते हैं: माहे रमज़ान में एक दिन का रोज़ा रखना एक हज़ार दिन के रोज़ों से अफ़्ज़ल है और माहे रमज़ान में एक मरतबा [...]
तालीमाते आला हज़रतؓ

तालीमाते आला हज़रतؓ

हज़रत अहमद रज़ा खां फ़ाजि़ल बरेलवीؓ, जिन्हें हम ‘आला हज़रत’ के नाम से जानते हैं, वो हस्ती हैं, जिन्होंने शरीअते मुहम्मदीﷺ को नज्द के फ़साद से महफूज़ किया और दीन की तारीख़ में नई इबारत लिखी। इसी वजह से आपको तमाम अहले सुन्नत बगैर किसी शक व शुब्ह के ‘मुजद्दीद ए वक़्त’ तस्लीम करती है। [...]
पाकी (स्‍वच्‍छता)

पाकी (स्‍वच्‍छता)

'उसमें वो लोग हैं जो खूब पाक होना चाहते हैं और पाक (साफ सूथरे) लोग अल्लाह को प्यारे हैं।' (क़ुरान 9:108) 'अल्लाह नहीं चाहता कि तुम पर कुछ तंगी रखे, हां ये चाहता है कि तुम्हें साफ सूथरा (पाक) कर दे।' (क़ुरान 5:6) 'पाकीज़गी आधा ईमान है।' (तिरमिज़ी 3530) 'दीन की बुनियाद पाकीज़गी पर है।' [...]
नमाज़ ए इश्क़-Namaz-E-Ishq

नमाज़ ए इश्क़-Namaz-E-Ishq

नमाज़ ए इश्क़-Namaz-E-Ishq  नमाज़ ए इश्क़ - यहां हम सूफ़ी मख्दूम यहया मुनीरी रज़ी. के उन तालीमात का ज़िक्र करेंगे, जो आपने अपने खास मुरीद क़ाज़ी शम्सुद्दीन रज़ी. को खत की शक्ल में अता की। दरअस्ल काजी साहब आपकी खि़दमत में हाजिर नहीं हो सकते थे इसलिए आपसे इस तरह से (यानी खतो किताबत के [...]
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