Dua e Qunoot in Hindi, English, Arabic, Urdu 4 Faith

Dua e Qunoot in Hindi, English, Arabic, Urdu 4 Faith

Here Dua e Qunoot in Hindi is being given for you as well as in English, Arabic and Urdu. Dua e Qunoot is the prayer recited in the prayer of Witr, it is also called Dua of Witr. The word "Qunoot" is used in Dua e Qunoot to refer to "standing up" or "being obedient." The [...]
30 Rozon ka Amal

30 Rozon ka Amal

माहे रमज़ानुल मुबारक में नेकियों का अज्र बहुत बढ़ जाता है लिहाज़ा कोशिश कर के ज्‍़यादा से ज्‍़यादा नेकियां इस माह में जमा कर लेनी चाहियें। चुनान्चे ह़ज़रते सय्यिदुना इब्राहीम नख़्इ़र् फ़रमाते हैं: माहे रमज़ान में एक दिन का रोज़ा रखना एक हज़ार दिन के रोज़ों से अफ़्ज़ल है और माहे रमज़ान में एक मरतबा [...]
Iman Mufassal in Hindi English Urdu Arabic 4 faith

Iman Mufassal in Hindi English Urdu Arabic 4 faith

  Iman Mufassal in Hindi ईमान मुफ़स्‍सल आमन्‍तो बिल्‍लाहे वमलाएकतेही वरसूलेही वलयौमिल आखिरे वल क़दरे ख़ैरेही वशर्रेही मिनल्‍लाहे तआला वलबअसे बअदल मौत   Hindi Translation मैं ईमान लाया अल्लाह पर और उस के फ़रिश्तों पर और उस की किताबों पर और उस के रसूलों पर और क़यामत के दिन पर और इस पर कि अच्छी [...]
Namaz e Janaza ki Dua Niyat w Tarika 4 faith

Namaz e Janaza ki Dua Niyat w Tarika 4 faith

Namaz e Janaza फ़र्ज़ किफ़ाया है Namaz e Janaza “फ़र्ज़ किफ़ाया” है यानी कोई एक भी अदा कर ले तो सब जिम्‍मेदारी से बरी हो गए वरना जिन जिन को ख़बर पहुंची थी और नहीं आए वो सब गुनहगार होंगे। इस के लिये जमाअ़त शर्त नहीं एक शख़्स भी पढ़ ले तो फ़र्ज़ अदा हो [...]
Ramadan ke Gunahgar

Ramadan ke Gunahgar

रमज़ान का गुनाहगार   रमज़ान में अ़लल ए’लान खाने की दुनियावी सज़ा : रमज़ानुल मुबारक की ता’जीम के सबब एक आतश परस्त को अल्लाह ने न सि़र्फ़ दौलते ईमान से नवाज़ दिया बल्कि उस को जन्नत की ला ज़वाल ने’मतों से भी मालामाल फ़रमा दिया। इस वाकि़ए़ से खु़स़ूस़न हमारे उन ग़ाफि़ल इस्लामी भाइयों को [...]
Ramzan me Shaitan Qaid ho jata hai

Ramzan me Shaitan Qaid ho jata hai

रमज़ान में शैतान कैद कर दिया जाता है   माहे रमज़ान तो क्या आता है रह़मत व जन्नत के दरवाजे़ खुल जाते, दोज़ख़ को ताले पड़ जाते और शयात़ीन क़ैद कर लिये जाते हैं। चुनान्चे ह़ज़रते सय्यिदुना अबू हुरैरा रजि फ़रमाते हैं कि हुज़ूरे अकरमﷺ अपने स़ह़ाबए किराम को ख़ुश ख़बरी सुनाते हुए इर्शाद फ़रमाते [...]
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