लज़्ज़ते याद

लज़्ज़ते याद

लज़्ज़ते याद मौलाना जामीؓ फ़रमाते हैं. रब की याद की लज़्ज़त यूं हासिल की जाए कि हर वक्त और हर हाल में यानि आते और जाते हुए, खाते और सोते हुए, बोलते और सुनते हुए भी तुझे हक से अपनी वाबस्तगी का पूरा पूरा एहसास हो। मुख़्तसर यह कि हालते आराम और काम काज करते हुए भी तुझे...
घमंड, गुनाह से बढ़कर

घमंड, गुनाह से बढ़कर

घमंड, गुनाह से बढ़कर शेख सादीؓ फ़रमाते हैं. हज़रत ईसाؑ के दौर में एक बहुत गुनाहगार, जिहालत व गुमराही का सरदार, सख़्त दिल, बद कि़रदार, जि़न्दगी से बेज़ार, इन्सानियत को शर्म करने वाला, गोया शैतान का नापाक नुमाइन्दा था। सर, अक़्ल से ख़ाली मगर गुरूर से भरा हुआ। जबकि पेट हराम...
अक्लमंद इन्सान – शेख़ सादी

अक्लमंद इन्सान – शेख़ सादी

शेख सादी रज़ी. फ़रमाते हैं- न गोयद अज सरे बाजीचा हर्फे। कर्जा पन्दे नगीरद साहबे होश॥ व गर सद बाबे हिकमत पेशे नादां। बख्बानन्द आयदश बाजीचह दरगोश॥ तर्जुमा- अक्लमन्द इन्सान खेल खेल में भी अच्छी बातें सीख लेता है जबकि बेवकूफ इन्सान बड़ी बड़ी किताबों के सौ पाठ पढ़ने के बाद भी...
फ़ना व बक़ा – Maulana Jami Best Quotes 2

फ़ना व बक़ा – Maulana Jami Best Quotes 2

Maulana Jami r.a. फ़रमाते हैं- ख़ुदाए बुलन्द बरतर के मासिवा (सूफ़ी, अल्लाह के अलावा जो कुछ भी है उसे मासिवा कहते हैं) जो कुछ भी है वो आनी व फ़ानी (नश्वर) है। दुनिया की हक़ीक़त एक गुमान है जिसका कोई वजूद नहीं और ज़ाहिरी सूरत इसकी महज एक वहमी (झूटी) वजूदसी है। कल इसका...
फ़ना व बक़ा – Maulana Jami Best Quotes 2

एक वली एक रूई – Maulana Jami Best Quotes 1

Maulana Jami r.a. फ़रमाते हैं- अल्लाह ने इन्सान को ऐसा नहीं बनाया कि उसके पहलू में दो दिल हों। जिसने तूझे जिन्दगी की नेअमत दी है उसी ने तेरे पहलू में एक दिल भी रख दिया है। ताकि उस वाहिद-अल्लाह (एक-ईश्वर) की मुहब्बत में तुझे यक वली (एक मक़सद) व यक रूई (एकाग्रता) हासिल...