मारफ़त (मसनवी)

मारफ़त (मसनवी)

मसनवी मौलाना रूमी, सूफ़ीयाना हिकायात, अख़्लाकी तालीमात और आरिफ़ाना मकाशिफ़ात का वो नमूना है, जिसकी मिसाल नहीं मिलती। मौलाना जामी फ़रमाते हैं- मसनवी मानवी मौलवी। हस्त कुरआं दर ज़ुबाने पहलवी। यानी मौलाना रूमीؓ की मसनवी मानवी हक़ीक़त में फ़ारसी ज़ुबान की कुरआन है। फि़क़्ह...
इश्क़ (दर्से मसनवी)

इश्क़ (दर्से मसनवी)

मसनवी मौलाना रूमी- सूफ़ीयाना हिकायात, अख़्लाकी तालीमात और आरिफ़ाना मकाशिफ़ात का वो नमूना है, जिसकी मिसाल नहीं मिलती। ख़ुद मौलाना रूमीؓ कहते हैं कि इसमें कुरान के राज़ छिपे हैं। जिस शख़्स की जान में मसनवी का नूर होगा, बाक़ी हिस्सा उसके दिल में ख़ुद ब ख़ुद उतर जाएगा।...
तलब (मसनवी मौलाना रूमी)

तलब (मसनवी मौलाना रूमी)

  मसनवी मौलाना रूमी- सूफ़ीयाना हिकायात, अख्लाकी तालिमात और आरिफ़ाना मकाशिफ़ात का वो नमूना है, जिसकी मिसाल नहीं मिलती। ख़ुद मौलाना रूमी रज़ी. कहते हैं कि इसमें क़ुरान के राज़ छिपे हैं। जिस शख्स की जान में मसनवी का नूर होगा, बाक़ी हिस्सा उसके दिल में ख़ुद ब ख़ुद उतर...