इश्क़ की इमारत

इश्क़ की इमारत

मेरा दिल और मेरी जान मदीनेवाले। तुम पे सौ जान से कुरबान मदीनेवाले।।   मदीना की मस्जिदे नबवी, वो जगह है, जहां हुज़ूरﷺ  आराम फ़रमां हैं। उसकी तामीर व तौसीअ का काम तुर्कों (तुर्की में रहनेवालों) के नसीब में आया। बरसों तक तो तुर्कों की हिम्मत ही नहीं हुई। उनका अदब कह...
ऐलाने नबूवत के पहले

ऐलाने नबूवत के पहले

571ई.  असहाबे फ़ील के वाकिये के 55 दिन बाद, मौसमे बहार में 12 रबीउल अव्वल मुताबिक 20 अप्रैल को बरोज़ पीर, सुबह फजर के वक्त मक्का में आपकी विलादत हुई। आपके दादा हज़रत अब्दुल मुत्तलिब ने आपका नाम मुहम्मदﷺ  रखा। आपके वालिद (अब्बाहुजूर) हज़रत अब्दुल्लाहؓ का पहले ही वफ़ात हो...
मैं रब से बाक़ी मुझ से

मैं रब से बाक़ी मुझ से

(ईद मिलाद स्पेशल)   या साहेबल जमाल व या सय्यदिल क़मर मिउंवजहेकल मुनीरो लक़द नव्वरूल क़मर लायुमकेनश शनाओ कमा काना हक़्क़हू बाद अज़ ख़ुदा बुजूर्ग तुई कि़स्सा मुख़्तसर ऐ साहेबे जमाल! और आदमियों के सरदार! आप ही के रूए मुबारक के अनवार से चांद रौशन है। आपकी सारी तारीफ़ें बयान...
Eid Milad un Nabi

Eid Milad un Nabi

हज़रत मुहम्‍मद सल्‍लल्‍लाहो अलैहे वसल्‍लम इस जहां में फ़ज़्लो रह़मत बन कर तशरीफ़ लाए और यक़ीनन अल्लाह की रह़मत के नुज़ूल का दिन ख़ुशी व मुसर्रत का दिन होता है। चुनान्चे अल्लाह तबारक व तआला इर्शाद फ़रमाता है : तुम फ़रमाओ अल्लाह ही के फ़ज़्ल...
हुस्न व जमाल

हुस्न व जमाल

हज़रत हस्सान बिन साबितؓ फ़रमाते हैं. व अहसनो मिन्का लम तरा क़त्तो ऐनी व अजमलो मिन्का लम तलेदिन्नेसाओ ख़ुलेक़त मुबर्रा.अम.मिन कुल्ले ऐबिन कअन्नका क़द ख़ुलेक़त कमा तशाओ   हुजूरﷺ  से हसीनतर मेरी आंख ने कभी देखा ही नहीं और न कभी किसी मां ने आपसे जमीलतर पैदा किया है। आप की...
Rahmatul lil Alameen

Rahmatul lil Alameen

सबके लिए रह़मत वो हर आलम के लिए रहमत किसी आलम में रह जाते… ये उनकी मेहरबानी है, कि ये आलम पसंद आया… हज़रत मुहम्मदﷺ सारे आलम के लिए रहमत और मुहब्बत हैं, चाहे वो इस दुनिया का हो या उस दुनिया का, चाहे किसी भी ग्रह या सौरमंडल का, चाहे इन्सान हो या जानवर, चाहे...