दुआ (Prayer)

दुआ (Prayer)

और तुम्हारा परवरदिगार इरशाद फ़रमाता है कि तुम मुझसे दुआएं मांगो, मैं तुम्हारी (दुआ ज़रूर) क़ुबूल करूंगा। (कुरआन-60:40)   ख़ुदा तक न तो (कुरबानी के) गोश्त ही पहुंचेंगे और न ही खून, (हां) मगर उस तक तुम्हारी (नेकी व) परहेज़गारी (ज़रूर) पहुंचेगी। (कुरआन -37:22)   पस...
अक्लमंद इन्सान – शेख़ सादी

अक्लमंद इन्सान – शेख़ सादी

शेख सादी रज़ी. फ़रमाते हैं- न गोयद अज सरे बाजीचा हर्फे। कर्जा पन्दे नगीरद साहबे होश॥ व गर सद बाबे हिकमत पेशे नादां। बख्बानन्द आयदश बाजीचह दरगोश॥ तर्जुमा- अक्लमन्द इन्सान खेल खेल में भी अच्छी बातें सीख लेता है जबकि बेवकूफ इन्सान बड़ी बड़ी किताबों के सौ पाठ पढ़ने के बाद भी...
अक्लमंद इन्सान – शेख़ सादी

बारिश की बूंद – Sheikh Saadi Best Quotes 3

Sheikh Saadi R.A. फ़रमाते हैं- बारिश की बूंद, बादल से टपकने लगी। टपकते हुए सोचने लगी कि न जाने मेरा क्या हश्र होना है। मैं पथरीली ज़मीन पर गिरूंगी कि उफान मारते पानी में। कांटे पर गिरूंगी या फूल पर। कुछ देर बाद उसने नीचे समंदर के जोश व फैलाव को देखा। वो शरमिन्दा सी हो...
फ़ना व बक़ा – Maulana Jami Best Quotes 2

फ़ना व बक़ा – Maulana Jami Best Quotes 2

Maulana Jami r.a. फ़रमाते हैं- ख़ुदाए बुलन्द बरतर के मासिवा (सूफ़ी, अल्लाह के अलावा जो कुछ भी है उसे मासिवा कहते हैं) जो कुछ भी है वो आनी व फ़ानी (नश्वर) है। दुनिया की हक़ीक़त एक गुमान है जिसका कोई वजूद नहीं और ज़ाहिरी सूरत इसकी महज एक वहमी (झूटी) वजूदसी है। कल इसका...
फ़ना व बक़ा – Maulana Jami Best Quotes 2

एक वली एक रूई – Maulana Jami Best Quotes 1

Maulana Jami r.a. फ़रमाते हैं- अल्लाह ने इन्सान को ऐसा नहीं बनाया कि उसके पहलू में दो दिल हों। जिसने तूझे जिन्दगी की नेअमत दी है उसी ने तेरे पहलू में एक दिल भी रख दिया है। ताकि उस वाहिद-अल्लाह (एक-ईश्वर) की मुहब्बत में तुझे यक वली (एक मक़सद) व यक रूई (एकाग्रता) हासिल...
Tasawwuf Kya Hai – तसवफ़ – तसव्‍वुफ़ क्‍या है?

Tasawwuf Kya Hai – तसवफ़ – तसव्‍वुफ़ क्‍या है?

Tasawwuf Kya Hai – सूफ़ी, शरीअत के ज़ाहिरी अरकान के साथ साथ बातिनी अरकान भी अदा करते हैं। इस ज़ाहिरी और बातिनी शरीअत के मेल को ही तसव्वुफ़ कहते हैं। यही पूरे तौर पर इस्लाम है, यही हुजूर ﷺ की मुकम्मल शरीअत है। क्योंकि इसमें दिखावा नहीं है, फरेब नहीं है। इसमें वो...